my shayri
Monday, December 29, 2014
"बहुत खुशनुमा इक रात गुजरी है ,कुछ तन्हा पर कुछ खास गुजरी है ,;
न नींद आयी हमको न ख़्वाब कोई , बस तेरे ख़यालो के साथ गुजरी है ,;;"
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