Tuesday, June 27, 2017


मेरा खयाल है तुम भी तो बदल सकते हो,
बनके आंसू मेरी आँखों से निकल सकते हो,
फिर तो ये प्रेम ये परवाह बस छलावा है,
जब तुम शाम सा पलभर में ढल सकते हो|| 
@सर्वाधिकार सुरक्षित
                मयंक आर्यन (कैमूर,बिहार)
                       ‘7551129082’

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