Saturday, August 20, 2016


सजा दे मुझको 

मेरे हमदम तेरी  सांसो में ,बसा ले मुझको ,
हूँ गुनाहगार जो तेरा , तो सजा दे मुझको ||

गर तुम्हें शक है, मेरी मोहब्बत पे तो सूनो !  जाना ,
ले ख़ंजर सिने में ,चुभा दे मुझको ||


जो बुझ गये हैं ,चिराग़ घर के तेरे ,
ले माचिस , इस बार जला दे मुझको ||


ऐ !आसमाँ  गर थक गया है तू बारिशों से ,
ले जख्म ,हाथों में मेरा और रुला दे मुझको || 

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